अख़बार का कहना है कि अमरीकी ऊर्जा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने देश की जनता से यह जानकारियां छुपाने के साथ ही कांग्रेस की उन कमेटियों को भी इस बारे में बेख़बर रखा है जिनके पास परमाणु प्रसार पर नज़र रखने का अधिकार है।
ट्रम्प प्रशासन ने कम से कम छह कंपनियों को लाइसेंस जारी किए हैं। इस लाइसेंस में पार्ट 810 की जानकारियां शामिल हैं। इस प्रकार के लाइसेंस अमरीकी कंपनियों को यह अनुमति देते हैं कि वह निर्धारित देशों के साथ तकनीकी जानकारियों का आदान प्रदान करें हालांकि इन निर्धारित देशों की सूची में सऊदी अरब शामिल नहीं है।
यदि अमरीका सऊदी अरब में परमाणु बिजलीघर बनाना चाहता है तो सऊदी अरब के लिए 123 नामक समझौते का पालन करना होगा वरना कांग्रेस के पास यह अधिकार होगा कि बिल पास करके सऊदी अरब से अमरीका के परमाणु सहयोग को रोक दे।
सऊदी अरब ने अब तक इस समझौते की शर्तों को स्वीकार करने से इंकार किया है और अमरीकी कांग्रेस के सदस्यों को चिंता है कि ट्रम्प प्रशासन इसके बावजूद सऊदी अरब के साथ परमाणु जानकारियां शेयर कर रहा है।